+919599017181, 011 - 23327181, 23718152

Mangal Dasha Phaldeepika (Hindi)

Mangal Dasha Phaldeepika (Hindi)

Price :
Rs.550 Rs.519Save: 6% off
Quantity :  
  • 1 Units in Stock
  • Author: Mridula trivedi / T P Trivedi
  • Published By:Alpha Publication
  • Language: Hindi
  • Binding: PaperBack
  • Year of Publication:2017
  • ISBN No: 775885544X, 9787758855441
DESCRIPTION

Mangal Dasha Phaldeepika (Hindi)

गब्ध-पस्तिटा

अनादिकाल से मंगल ग्रह का रक्ताभ सौन्दर्य नवविवाहित दम्पत्तियों के लिए
जिज्ञासा और कौतूहल का परस्पर । मृ । त स्तम्भ रहा है । विवाह के परिपेक्ष्य में जन्मग्रेग
में मंगल दो अप्रिय स्थिति वरक्वेबधू के अभिभावकों को प्रकम्भित कर देती है । प्राय:
मंगल को एक विध्वंसात्मक यह के रूप में स्वीकार जिया जाता है परन्तु मंगल
दशाफल दीपिका का निहितार्थ इस आस्था क्रो मिथ्या सिद्ध कर देने हेतु चेतना की
जागृति का एक परिश्रमसाध्य अनुष्ठान है । मंगल दशाफल दीपिका में सन्विहित,
संकलित, संयोजित सामग्री मंगल दो दशान्तर्दशा के फलकथन के सन्दर्भ में
अत्यधिक महत्वपूर्ण, उपयोगी, अदभुत और अनुभूत है । प्रतिकूल मंगल की दशा का
अत्यन्त अल्पज्ञता और अज्ञानतामूर्ण संज्ञान. दुर्घटना, कलह, आक्रमपा, अपराध.
अपहरण, आन्दोलन, अग्निकापड, हिसा, हत्या, दुर्भिक्ष, अतिऊष्मा, पराजय, सुधी,
रक्तविकार, शल्यक्रिया, ट्रयूमर, पेन्दित्रु अल्सर, असंतुलित रक्तचाप, विविध व्याधि.
युद्ध आदि के रूप में प्रचलित है जबकि अनुकूल मंगल की स्थिति अन्तरंग सानंद
व प्रेम सम्बन्ध, आत्मीयता, प्रसिद्धि, धनधान्य, ऐश्वर्य, कीर्ति, वैभव, सम्पत्ति, सम्पदा,
फभूद्धि सम्मान, शाफन--ग्रशाफन सत्ता, राज्य प्राप्ति, अधिकार प्राप्ति एवं विजय,
पराक्रम, पदोन्नति, पद-प्रतिष्ठा, प्रगति, उन्नति, साहस, निर्मीकता, भूति, भूखण्ड,
भवन के अतिरिक्त हर्षोल्लास, ७८1१ । , 6८९115, क्तर्णा का अभिनय अभियान है ।

मंगल दशाफल दीपिका को अग्रांकित 19 सुगम, सरल, सारगर्भित.
सार्वभोमिक व सारस्वत अध्यायों तथा 600 पृष्ठों में अन्यान्य व्यावहारिक जन्मग्रेगों के
उदाहरण के साथ विभाजित, व्याख्यऱयित एवं विश्लेषित जिया गया है: 1. मंगल
ग्रह: पौराणिक एवं वैज्ञानिक सत्य तथ्य; 2. दशाफल कथन रहस्य एवं किंद्वान्त;
3. बारह राशियों में मंगल दो दशा का फल; 4. मंगल की महादशा का फल;
अध्याय 5 से 16 तल विविध भावगत मंगल की दशान्तर्दशा का फल; 17. मंगल
की महादशा में विविध ग्रहों दो अन्तर्दशा का फल; 18. मंगल की महादशा के
मध्य प्रत्यंतर दशाओं का पाल, तथा 1 9. मंगल ग्रहवदुत पीडा परिहार विधान ।

विंशोत्तरी दशा पर केन्दित मंगल दशाफल दीपिका इस श्रृंखला का हीरक
हस्ताक्षर है जिसके अध्ययन, अनुभव, अनुसरण और अम्यास से मंगल यह के
दशान्तर्दशा के सन्दर्भ में समस्त भय, भ्रम एवं भ्रग्रेतियॉ ध्वस्त हो जायेगी और हमारे
प्रबुद्ध पाठकों, जिज्ञासु छात्रों, गम्भीर अध्येताओं, भक्तों एवं साधकों को मंगल ग्रह
के संदर्भ में अभिनव अभिज्ञान के साथदृसाथ मंगल ग्रहकृत पीडा परिहार विधान
अत्यन्त फम्पुष्ट साकार-आकार में मंगल दशाफल दीपिका के अन्तर्गत एक ही
ख्याल यर उपलब्ध व संम्भय हो सकंगा ।


Disclaimer

All prices on this website are subject to change without notice. Whilst we make every effort to provide you the most accurate, up-to-date information, occasionally, one or more items on our website may be mis-priced. In the event a product is listed at an incorrect price due to typographical, photographic or technical eroror or error in pricing information received from our suppliers, Tagon(Lakshmi Book Store) shall have all the right to refuse or cancel any order placed for product listed at the incorrect price.

If an item's correct price is lower than our stated price, we will charge the lower amount and ship you the item.

If an item's correct price is higher than our stated price, we will cancel your order and notify you of the price error and order cancellation. You will of course, have an opportunity to purchase the item at the correct price, if you so wish.